|| Maa Gauri Ki Aaradhna Aarti ||

||आरती श्री भैरव जी की ||

bhairav baba | Mata RAani | Maa Durga| Shiv ansh

 

आरती श्री भैरव जी की

 

सुनो जो भैरव लाडिले , कर जोड़ कर विनती करूँ ।

कृपा तुम्‍हारी चाहिए, मैं ध्‍यान तुमार ही धरूँ।

मैं चरण छुता आपके,  अर्जी मेरी सुन लीजिये ।

मैं हूँ मति का मन्‍द, मेरी कुछ मदद तो कीजिये ।

महिमा तुम्‍हारी बहुत , कुछ थोडी सी मैं वर्णन करूँ।। सुनो जो भैरव

करते सवारी स्‍वान की, चारें दिशा में राज्‍य है।

जितने भूत और प्रेत, सबके आप ही सरताज है।

हथियार है जो आपके, उसका क्‍या वर्णन करूँ ।। सुनो जो भैरव

माता जी के सामने तुम, नृत्‍य भी करते सदा।

गा गा के गुण अनुवाद से, उनको रिझाते हो सदा ।

एक सांकली है आपकी, तारीफ उसकी क्‍या करूँ ।। सुनो जो भैरव

बहुत सी महिमा तुम्‍हारी, मेंहदीपुर सरनाम है ।

आते जगत के यात्री , बजरंग का  स्‍थान है।

श्री प्रेतराज सरकार के, मै शीश चरणें में धरूँ ।। सुनो जो भैरव

निशदिन तुम्‍हारे खेल से, माताजी खुश रहें ।

सिर पर तुम्‍हारे हाथ रखकर,आशीर्वाद देती रहें ।

कर जोड कर विनती करूँ, अरू शीश चरणों में धरूँ ।। सुनो जो भैरव    

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