|| Maa Gauri Ki Aaradhna Aarti ||

।।अथ दुर्गाद्वत्रिंशन्‍नाममाला ।।The Benefits of Chanting This Prayer||

माता के इस ३२ नामों की माला का जाप करने से सभी प्रकार की विपत्‍ती समाप्‍त हो जाती है, इस बत्‍तीस नाम के माला का १०८ बार जाप करने से व्‍यक्ति सभी प्रकार के भयो से मुक्‍त हो जाता हैै,इसका पाठ करनेंं वाले मुनुष्‍यों को कभी कोई हानि नहीं होती । माता के नामो का जाप सदैव स्‍वस्‍छता के साथ करना चाहिए । (श्रीदुर्गासप्‍तशती के अनुसार)      

।।अथ दुर्गाद्वत्रिंशन्‍नाममाला ।।

 

दुर्गा दुर्गार्तिशमनी दुर्गापद्विनिवारिणी ।

दुर्मच्‍देदिनी दुर्गसाधिनी दुर्गनाशिनी ।।

दुर्गतोद्धारिणी दुर्गनिहन्‍त्री दुर्गमापहा ।

दुर्गमज्ञानदा दुर्गदैत्‍यलोकदवानला ।।

दुर्गमा दुर्गमालोका दुर्गमात्‍मस्‍वरूपिणी ।

दुर्गमार्गप्रदा दुर्ग‍मविद्या दुर्गमाश्रिता ।।

दुर्गमज्ञानसंस्‍थाना दुर्गमार्थस्‍वरूपिणी ।

दुर्गमासुरसंहन्‍त्री दुर्गमायुधधारिणी ।।

दुर्गमाग्डी दुर्गमता दुर्गम्‍या दुर्गमेश्‍वरी ।।

दुर्गभीमा दुर्गभामा दुर्गभा दुर्गदारिणी ।

नामावलिमिमां यस्‍तु दुर्गाया मम मानव: ।।

पठेत् सर्वभयान्‍मुक्‍तो भविष्‍यति न संशय: ।।  

 

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