|| Maa Gauri Ki Aaradhna Aarti ||

||Maa Kali Ki Aaradhna||

 


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सभी दुखो का निवारण करने वाली माता क‍ाली की पुजा करने से सभी प्रकार के विघ्‍न बाधा दुर होते है, साथ अगर  बुरी शक्तियों का वास आपके शरीर पर हो या आपके घर पर हो उन सब से मुक्ति मिल जाती है मां काली की आराधना करने से सभी ग्रहों के बुरे प्रभाव से भी शांति मिलती है ,प्रत्‍येक मंगलवार एवं शनिवार को विशेष रूप से मां काली की आराधना करनी चाहीए। नवरात्री के सप्‍तमी को मां काली की आराधना करने से विशेष लाभ प्राप्‍त होता है।       

आरती श्री काली मैया की

 

मंगल की सेवा सुन मेरी देवी हाथ जोड तेरे द्वार खडे

पान सुपारी ध्‍वजा नारियल ले ज्‍वाला तेरी भेंट करें ।

सुन जग्‍दम्‍बे कर न विलम्‍बे सन्‍तन के भंडार भरे

सन्‍तन प्रतिपाल सदा खुशहाल जय काली कल्‍याण करे ।। 

बुद्धी विधाता तु जग जगमातामेरा कारज सिद्ध करे

चरण कमल का लिया आसरा शरण तुम्‍हारी आन परे

जब जब पीर पडे भक्‍तन पर तब तब आये सहाय करें

सन्‍तन प्रतिपाल सदा खुशहाल जय काली कल्‍याण करे ।। 

बार बार तै सब जग मोहयो तरूणी रूप अनूप धरे

माता होकर पुत्र खिलावें कही भार्या बन भोग करे

संतन सुखदायी सदा सहाई सन्‍त खडे जयकार करें

सन्‍तन प्रतिपाल सदा खुशहाल जय काली कल्‍याण करे ।। 

ब्रम्‍हा विष्‍णु महेश फल लिए भेंट देन सब द्वार खडे

अटल सिेंहासन बैठी मातासिर सोने का छत्र धरे

वार शनिचर कुंकुमवरणी जब लुंकुड पर हुक्‍म करे

सन्‍तन प्रतिपाल सदा खुशहाल जय काली कल्‍याण करे ।। 

खड्ग ,खप्‍पर त्रिशूल हाथ लिये रक्‍तिबीज को कुं भस्‍म करे

शुम्‍भ – निशुम्‍भ क्षणहिं में मारेमहिाषासुर को पकड धरे

आदित बारी आदि भवानी जन अपने को कष्‍ट हरे

सन्‍तन प्रतिपाल सदा खुशहाल जय काली कल्‍याण करे ।। 

कुपित होय कर दानव मारे चण्‍ड- मुण्‍ड सब चुर करे

जब तुम देखो दया रूप हो पल में संकट दूर टरे

सौम्‍य स्‍वभाव धरयो मेरी माता जन की अर्ज कबूल करे

सन्‍तन प्रतिपाल सदा खुशहाल जय काली कल्‍याण करे ।। 

सात बार महिमा बरनी सब गुण कौन बखान करे

सिंह पीठ पर चढी भवानी अटल भुवन मे राज करे

दर्शन पावें मंगल गावेसिद्ध साधक तेरी भेट धरें

सन्‍तन प्रतिपाल सदा खुशहाल जय काली कल्‍याण करे ।।

ब्रम्‍हा वेद पढे तेरे द्वारे शिव शंकर हरि ध्‍यान धरे

इन्‍द्र –कृष्‍ण तेरी करे आरतीचंबर कुबेर डुलाय रहे

जय जननी जय मातु भवानी अचल भुवन में राज करे

सन्‍तन प्रतिपाल सदा खुशहाल जय काली कल्‍याण करे ।।  

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